कलौंजी एक दिव्य औषधि

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कलौंजी एक दिव्य औषधि

  • कलौंजी कौनसे-कौनसे इलाज कर सकता हैं?

शुगर, कैन्सर की गांठ, गुटने का दर्द, साईटिका दर्द, दमा रोग, नपुसंकता, पागलपन, थाइरॉइड, पायरिया, पेरालाइसिस, गाव न भरने जैसे कई रोगों में कलौंजी से इलाज

  • पहचान

कलौंजी काले रंग की होती है इसके छोटे छोटे दाने होते हैं। इसे ऑनियन के बीज कांदे के बीज भी कहते हैं। इसकी तासीर गरम होती है। आयुर्वेद में इसे गुणों का भंडार कहा गया है और यह बहुत से रोगों के इलाज में काम आती है। और यह असाध्य रोगों को भी ठीक करने की क्षमता रखती है।

  • कलौंजी का काढ़ा बनाने की विधि

पीतल के कल्ली किए हुए पात्र में 1चम्मच कलौंजी 2 ग्लास पानी डालकर धीमी आँच पर पकाये जब आधा ग्लास पानी बचे तब ठंडा करके छानकर पीएँ।

  • यह इन विभिन्न रोगों में उपयोगी है।
  1. शुगर में उपयोगी
    2 चम्मच कलौंजी 2 ग्लास पानी में उबालें जब पानी आधा ग्लास बच जाए उसे प्रातः काल छानकर पीएँ शुगर बिल्कुल कन्ट्रोल रहेगी।

  2. केन्सर की गांठ होने पर
    अगर कीसी को केन्सर की गांठ है तो वहां पर कलौंजी को पीसकर लैप करीये, और सुबह शाम कलौंजी का काढ़ा पीएँ अवश्य लाभ होगा।

  3. धुंटनो का दर्द होने पर
    धुटनों के दर्द के लिये कलौंजी के तैल की मालिश करें व सुबह शाम खालीपेट काढ़े का सेवन करें।

  4. साइटीका दर्द
    साइटीक पेन व मसक्युलर पेन में इस काढ़े का सेवन सुबह शाम करें और इसके तैल की मालिश सुबह शाम करिये।

  5. श्वास दमां रोग
    अगर आप श्वास दमां से पिडित है तो सुबह शाम इनके काढे़ का सेवन करीये अवश्य लाभ होगा।

  6. नंपुसक्ता
    इसके काढे़ का सेवन सुबह शाम करें व कलौंजी के तैल की मालीश करें। जिससे नंपुसक्ता दूर होगी, लिंग की लंबाई बढेगी। टाइमिंग में वृद्धी होगी। नसों की कमजोरी दूर होगी ।

  7. थाइराइड में उपयोगी
    कलौंजी का काढ़ा सुबह शाम खालीपेट पीने से थाइराइड कन्ट्रोल रहेगी।

  8. धांव भरने में सहायक
    आपको कोई चोट लगी हो और घाव काफी लम्बे समय नहीं भर रहा हो तो कलौंजी को पीसकर लैप करीये थोड़े दिन में धांव भर जायेगा।

  9. पायरिया रोग
    अगर पायरिया हुवा है तो कलौंजी के काढ़े से कुल्ले करें, और कलौंजी के काढे़ का सेवन नियमित 2 महिने करें।

  10. स्तनों की वृद्धी के लिए
    कलौंजी तैल की नियमित मालीश से स्तनों का विकास होता है।

  11. पेरालाइसिस
    पेरालाइसिस में कलौंजी तेल की मालीश करें और इनके काढे़ का सेवन सुबह शाम करें।

  12. पागलपन
    सुबह शाम कलौंजी के काढ़े का सेवन करें लाभ अवश्य होगा।

अस्वीकरण

मैं अपने किसी भी हेल्थ मेसेज का 100% सही होने का दावा नहीं करता । इस टिप्स से काफी लोगों को फायदा हुआ है। कृपया आप किसी भी हेल्थ टिप्स का अपने ऊपर प्रयोग करने से पूर्व अपने वैद्यराज जी से राय लेवें ।

राजीव जैन

अध्यक्ष

बाल सेवा समिति, भीलवाड़ा

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राहुल
राहुल
10 months ago

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बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है
M. न. 8005882739