महिलाओं के रोगों का इलाज

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महिलाओं के रोगों का इलाज

  • प्रसव के समय की परेशानी

1 किलो दाना मैथी को पीसकर देशी घी में भून लें। फिर इसमें 1 किलो गुड़ और दुबारा घी डालकर भूने। जब गुड़, मेथी, घी मिलकर एक से हो जाये तो ठंडा करके 20-20 ग्राम के लड्डू बना बना लें। यदि गर्भवती स्त्री 8 वें महीने से रोजाना सुबह एक लड्डू लगातार खाये तो 9वें महीने के बाद बच्चे का जन्म बिना किसी कष्ट के आसानी से हो जाता है।

  • सूतिका रोग

1 किलो मैथी को बारीक पीसकर उसमें 2 किलो घी और 12 गुना दूध मिलाकर आग की धीमी आग पर उबालकर शहद जैसा गाढ़ा बनाएं। उसके पश्चात उसमें 3 गुनी शक्कर डालकर मैथीपाक तैयार कर लें। इस मैथीपाक को प्रतिदिन सुबह 40 ग्राम तक सेवन करने से हर प्रकार के वायु (गैस) रोग नष्ट होते हैं। शरीर हृष्ट-पुष्ट होता है और वीर्य में वृद्धि होती है। इसके सेवन से सूतिका रोग भी दूर हो जाता है।

  • स्तनों में दूध बढ़ाना
  1. 30 ग्राम मैथी का आटा रात में 200 मिलीलीटर दूध में भिगोकर रख दें। सुबह-सुबह एक बर्तन में 50 ग्राम घी लेकर चूल्हे पर रखें। घी जब अच्छी तरह गर्म हो जाए तब उसमें दूध में भिगोया हुआ मैथी का आटा डालें तथा उसे हिलाकर एक रस करके बर्तन को चूल्हे से नीचे उतार लें। उसमें लाल गन्ने के 20 ग्राम गुड़ को मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं। गर्भवत्ती महिलाओं को इसे 21 दिनों तक खिलाने से स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।
  2. मैथी के बीज को बारीक पीसकर पेस्ट बनाकर रोजाना सुबह-शाम स्त्री के स्तनों में लगाने से स्तनों में दूध की बढ़ोत्तरी होती है।
  3. 20 ग्राम की मात्रा में मैथी को लेकर पीसकर चूर्ण बनाकर 250 मिलीलीटर दूध में अच्छी तरह से पकायें जब दूध लगभग 60 ग्राम यानी चौथाई बच जाये तब इसमें मिश्री मिलायें। इसे प्रसूता स्त्री को पिलाने से लाभ होता है।
  • शिशु को स्तनपान (दूध का सेवन) कराने वाली नवयुवतियों को रोजाना मैथी का रस या मैथी की सब्जी का सेवन करना चाहिए। मैथी के रस के सेवन से स्तनों में दूध का विकास होता है।

मेथी (methi)खाने में गर्म होती है।

  • हानिकारक:

जिनकी प्रकृति गर्म हो और शरीर के किसी भी अंग से खून गिरता हो, जैसे- खूनी बवासीर, नाक से खून का गिरना(नकसीर), पेशाब में खून आना, मासिक-धर्म में अधिक खून आना और कई दिनों तक आते रहना आदि रोग हो, उन्हें तेज गर्मी के मौसम में मेथी का प्रयोग कम और सावधानी से करना चाहिए। मेथी का प्रभाव गर्म होता है। अत: इसे सर्दी के मौसम में सेवन करना अधिक लाभदायक है। मेथी अधिक मात्रा में खाने से पित्त बढ़ती है, इसलिए इसका सेवन मात्रा के अनुसार ही करना चाहिए।

अस्वीकरण

मैं अपने किसी भी हेल्थ मेसेज का 100% सही होने का दावा नहीं करता । इस टिप्स से काफी लोगों को फायदा हुआ है। कृपया आप किसी भी हेल्थ टिप्स का अपने ऊपर प्रयोग करने से पूर्व अपने वैद्यराज जी से राय लेवें ।

राजीव जैन अध्यक्ष

बाल सेवा समिति, भीलवाड़ा

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