आमवात (जोड़ों का दर्द) एवं वातरोग में मैथीदाना से इलाज

जोड़ों का दर्द में मैथीदाना से इलाज
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

आमवात (जोड़ों का दर्द) एवं वातरोग में मैथीदाना से इलाज

  • आमवात
  1. एक गिलास पानी में 3 चम्मच दाना मैथी रात को भिगो दें, सुबह उठकर इसे तेज उबालकर छानकर पियें। इससे आंव (एक तरह का सफेद चिकना मल) बाहर निकल जायेगा और आमवात (जोड़ों के दर्द) में लाभ मिलता है।
  2. मैथी और सोंठ का चूर्ण 4-4 ग्राम की मात्रा में गुड़ के साथ सेवन करने से जीर्ण आमवात (जोड़ों के दर्द) में लाभ होता है।
  3. 1 चम्मच दाना मैथी की फंकी गर्म दूध के साथ लेने से पेट की चिकनाई साफ होकर वायु का असर कम हो जाता है।
  4. 100 ग्राम दाना मैथी को सेंक कर बारीक पीस लें और इसमें 25 ग्राम काला नमक मिलाकर रोजाना 2 चम्मच गर्म पानी के साथ फंकी लें, इससे जोड़ों के दर्द में आराम आता है।
  5. 2 चम्मच पिसी हुई दाना मैथी को 1 गिलास पानी में उबालकर, छानकर, उसमें स्वादानुसार पिसी कालीमिर्च, सेंधा नमक डालकर रोजाना 2 बार पीने से आमवात (जोड़ों का दर्द) में आराम मिलता है।
  • वातरोग
  1. 100 ग्राम दाना मैथी, नारियल, मूंगफली या सरसों को पीस लें और अच्छी तरह उबालकर, छानकर शीशी में भर लें और जोड़ों में जहां-जहां दर्द हो, मालिश करें।
  2. 2 चम्मच दाना मैथी की सुबह-शाम पानी से फंकी के साथ लेने से आराम मिलता है। यह प्रयोग 3-4 महीने तक करें। इसके प्रयोग के समय घी-तेल कम से कम लें।
  3. पिसी मैथी, सोंठ और गुड़ बराबर मात्रा में मिलाकर 2 चम्मच सुबह-शाम खाने से वात (गैस) में लाभ होता है।
  4. दाना मैथी, हल्दी, सोंठ 50-50 ग्राम और 25 ग्राम अश्वगंधा को बराबर लेकर पीस लें। इसे सुबह नाश्ते के बाद तथा रात को खाने के आधा घंटे बाद गर्म पानी के साथ इस मिश्रण की 1-1 चम्मच फंकी लेने से कमर-दर्द, गठिया, जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।

मेथी (methi)खाने में गर्म होती है।

  • हानिकारक:

जिनकी प्रकृति गर्म हो और शरीर के किसी भी अंग से खून गिरता हो, जैसे- खूनी बवासीर, नाक से खून का गिरना(नकसीर), पेशाब में खून आना, मासिक-धर्म में अधिक खून आना और कई दिनों तक आते रहना आदि रोग हो, उन्हें तेज गर्मी के मौसम में मेथी का प्रयोग कम और सावधानी से करना चाहिए। मेथी का प्रभाव गर्म होता है। अत: इसे सर्दी के मौसम में सेवन करना अधिक लाभदायक है। मेथी अधिक मात्रा में खाने से पित्त बढ़ती है, इसलिए इसका सेवन मात्रा के अनुसार ही करना चाहिए।

अस्वीकरण

मैं अपने किसी भी हेल्थ मेसेज का 100% सही होने का दावा नहीं करता । इस टिप्स से काफी लोगों को फायदा हुआ है। कृपया आप किसी भी हेल्थ टिप्स का अपने ऊपर प्रयोग करने से पूर्व अपने वैद्यराज जी से राय लेवें ।

राजीव जैन
अध्यक्ष
बाल सेवा समिति, भीलवाड़ा

हमारे हेल्थ ग्रुप से जुड़ने के लिए हमे Whatsapp के द्वारा सूचित करें|

To join our health group, kindly notify us using WhatsApp.

0 0 vote
Article Rating

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments