सूर्य को जल चढ़ाने के लाभ

सूर्य को जल चढ़ाने के लाभ
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

सूर्य को जल चढ़ाने से सीधे हमें लाभ प्राप्त होते हैं।

विटामिन डी के कई गुण भी मौजूद होते हैं।

सुबह-सुबह के समय जल्दी उठने से ताजी हवा और सूर्य की किरणों से हमारे स्वास्थ्य को लाभ होता है, यह सभी जानते हैं। इसके अलावा सूर्य को जल चढ़ाते समय पानी के बीच से सूर्य को देखना चाहिए, ऐसे में सूर्य की किरणों से हमारी आंखों की नैत्र ज्योति भी बढ़ती है। सूर्य की किरणों में विटामिन डी के कई गुण भी मौजूद होते हैं। इसलिए जो भी व्यक्ति उगते सूर्य को जल चढ़ाता है वह तेजस्वी होता है, उसकी त्वचा में आकर्षक चमक आ जाती है।

सूर्य को जल देने से हमारे शरीर के हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं.

विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो सूर्य और पृथ्वी के बीच करीब 1496000000 किलोमीटर की दूरी है। पृथ्वी तक सूर्य का प्रकाश पहुंचने में 8 मिनट 19 सेकेंड का समय लगता है। सूर्य ही सभी जीव-जन्तुओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऊर्जा का स्रोत है। पेड़- पौधों को तो भोजन भी सूर्य के कारण ही मिलता है। पुराने ऋषि-मुनियों द्वारा बताया गया है कि सूर्य को जल देने से हमारे शरीर के हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं।

सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

सूर्य को देवता माना जाता है, इनकी पूजा के लिए कई विधियां भी बताई गई है। सूर्य देव को प्रतिदिन जल अर्पित करने पर हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। साथ ही आंखों की रोशनी बढ़ती है और त्वचा में तेज पैदा होता है। समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है, यश मिलता है।

आंखों या त्वचा से संबंधित रोग से बचने के लिए प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को यश और मान-सम्मान का कारक ग्रह माना जाता है। किसी भी व्यक्ति की कुंडली में उच्च का सूर्य होने पर वह प्रतिष्ठित और तेजस्वी होता है। ऐसे व्यक्ति को समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। वहीं इसके विपरित नीच का या अशुभ फल देने वाला सूर्य होने पर व्यक्ति को कई प्रकार के कलंक झेलने पड़ सकते हैं। आंखों या त्वचा से संबंधित रोग हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए।

जल चढ़ाते समय पानी की धारा के बीच से सूर्य को देखें।

सूर्य को जल चढ़ाते समय ध्यान रखना चाहिए कि सूर्य को कभी भी सीधे नहीं देखना चाहिए। जल चढ़ाते समय पानी की धारा के बीच से सूर्य को देखें। इस प्रकार सूर्य की किरणों से आपकी आंखों की ज्योति भी बढ़ेगी। सूर्य को सुबह-सुबह जल्दी ही ज्यादा से ज्यादा 7-8 बजे तक जल चढ़ाना चाहिए। अधिक देर से जल नहीं चढ़ाना चाहिए।

पीले वस्त्र या अन्य पीले रंग की खाद्य सामग्री का दान करें।

सूर्य से शुभ फल प्राप्त करने के लिए रविवार के दिन सूर्य के निमित्त विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। साथ ही इस दिन सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करने की परंपरा है। सूर्य से संबंधित वस्तुएं जैसे पीले वस्त्र या अन्य पीले रंग की खाद्य सामग्री का दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को किया जाता है।

सूर्य को चढ़ाने के लिए तांबे के लौटे का उपयोग करना चाहिए।

लौटे में शुद्ध जल भरें और उसमें चावल और कुमकुम, पुष्प, गुड़ आदि पूजन सामग्री भी डाल लेना चाहिए। इसके बाद लौटे से सूर्य को जल चढ़ाएं। जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ भास्कराय नम:, ऊँ रवये नम:, ऊँ आदित्याय नम:, ऊँ भानवे नम: आदि का जप करते रहना चाहिए।

अस्वीकरण

मैं अपने किसी भी हेल्थ मेसेज का 100% सही होने का दावा नहीं करता । इस टिप्स से काफी लोगों को फायदा हुआ है। कृपया आप किसी भी हेल्थ टिप्स का अपने ऊपर प्रयोग करने से पूर्व अपने वैद्यराज जी से राय लेवें ।

राजीव जैन
अध्यक्ष
बाल सेवा समिति, भीलवाड़ा

हमारे हेल्थ ग्रुप से जुड़ने के लिए हमे Whatsapp के द्वारा सूचित करें|

To join our health group, kindly notify us using WhatsApp.

0 0 vote
Article Rating

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments